सुब्रतो कप में बदइंतजामी का आरोप: 17 किमी पैदल लौटीं छात्राएं, शिक्षा विभाग ने दिए जांच के आदेश

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: प्रखंड स्तरीय सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता के आयोजन में कथित अव्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद छात्राओं के लिए परिवहन की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें करीब 17 किलोमीटर पैदल चलकर अपने विद्यालय लौटना पड़ा। मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, ठेठईटांगर प्रखंड के 40 मोड़ जंगल स्थित प्रतियोगिता स्थल से प्रतियोगिता की जर्सी पहने करीब आठ छात्राएं पैदल लौटती हुई देखी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि छात्राएं लगभग 8 किलोमीटर तक पैदल चल चुकी थीं। पूछने पर उन्होंने बताया कि वे ठेठईटांगर में मैच खेलने के बाद 17 किलोमीटर दूर स्थित कोरोमिया विद्यालय लौट रही हैं, जहां से उन्हें अपने-अपने घर जाना था।
सबसे गंभीर बात यह रही कि छात्राओं के साथ न कोई शिक्षक मौजूद था और न ही शिक्षा विभाग का कोई कर्मी। ऐसे में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता शिक्षा विभाग की सरकारी प्रतियोगिता है। प्रत्येक प्रखंड को आयोजन के लिए लगभग 40 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। इस राशि से प्रतिभागियों के भोजन, पेयजल और परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी होती है। इसके बावजूद परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं होने के आरोपों ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विस्तृत जानकारी देने में असमर्थता जताई। वहीं जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) दीपक राम ने छात्राओं के पूरे 17 किलोमीटर पैदल चलने के दावे से इनकार किया। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उनके अनुसार छात्राओं के लिए लगाया गया ऑटो रास्ते में खराब हो गया था, जिसके कारण यह स्थिति बनी।
डीएसई ने बताया कि पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब यह मामला शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि छात्राओं को किन परिस्थितियों में पैदल लौटना पड़ा और इसके लिए जिम्मेदार कौन था।














