A businessman was jailed for 57 days after mistaking spices for drugs; the High Court granted him justice after 16 years.

DVC की तीन अपीलों पर आज आ सकता है हाईकोर्ट का फैसला, भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद में फैसला सुनाने के लिए मामला सूचीबद्ध

A businessman was jailed for 57 days after mistaking spices for drugs; the High Court granted him justice after 16 years.
 

रांची: झारखंड हाईकोर्ट में दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC) की ओर से दायर याचिका में सोमवार यानि आज 27 जुलाई 2026 को फैसला सुनाया जा सकता है। न्यायमूर्ति अनूभा रावत चौधरी की एकलपीठ के नोटिफाइड कॉजलिस्ट में सूचीबद्ध है।

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इन मामलों में DVC ने धनबाद जिले के पुनई/काशीटांड़ और पालुरडीह मौजा की अधिग्रहित भूमि के लिए भूमि अधिग्रहण न्यायालय द्वारा बढ़ाए गए मुआवजे को चुनौती दी है। DVC का कहना है कि दावेदारों ने जमीन के बाजार मूल्य को साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। कंपनी के अनुसार संबंधित मौजा का कोई बिक्री विलेख (Sale Deed) रिकॉर्ड पर नहीं लाया गया और केवल मौखिक गवाही के आधार पर मुआवजा बढ़ाना कानून के अनुरूप नहीं है। DVC ने अपने पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का भी हवाला दिया।

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वहीं, दावेदारों की ओर से दलील दी गई कि उपलब्ध मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर भूमि अधिग्रहण न्यायालय ने न्यायिक विवेक का प्रयोग करते हुए मुआवजा बढ़ाया था। उनका कहना है कि मुआवजे में की गई वृद्धि उचित है और उसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

21 अप्रैल 2026 को दोनों पक्षों की विस्तृत बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित (Judgment Reserved) रख लिया था। उस समय अदालत ने DVC की लिखित दलीलों को रिकॉर्ड पर लेते हुए आदेश दिया था कि निर्णय बाद में सुनाया जाएगा। हालांकि, उस आदेश में निर्णय की कोई तारीख तय नहीं की गई थी।

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अदालत आज इस लंबे समय से लंबित भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद में अपना अंतिम फैसला सुना सकती है। हालांकि, अंतिम स्थिति अदालत का आदेश अपलोड होने के बाद ही स्पष्ट होगी कि फैसला सुनाया गया या किसी कारणवश मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई गई।

 

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