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झुमरी तिलैया में अवैध चुंगी वसूली का खुलासा, दो गिरफ्तार

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रसीदों पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के नाम की मुहर-साइन; रेवेन्यू इंस्पेक्टर से स्पष्टीकरण, जांच कमेटी गठित

कोडरमा। झुमरी तिलैया नगर परिषद क्षेत्र में चुंगी-टोल वसूली के नाम पर कथित अनियमितता का मामला सामने आने के बाद पुलिस और नगर परिषद प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। मामले में पुलिस ने दो लोगों—भरत रजक और अनिल यादव—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने इनके पास से चुंगी-टोल वसूली से संबंधित नौ रसीदें बरामद की हैं।

मामले में अब नगर परिषद के रेवेन्यू इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार मेहता की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। नगर परिषद प्रशासन ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है और पूरे मामले की जांच के लिए आंतरिक जांच कमेटी गठित की गई है। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस उनकी तलाश कर रही है और वे फरार बताए गए हैं।

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नगर परिषद के नाम पर छपी मिलीं नौ रसीदें

पुलिस के अनुसार, तिलैया थाना क्षेत्र के महाराणा प्रताप चौक के समीप कथित तौर पर चुंगी-टोल की वसूली की जा रही थी। जांच के दौरान आरोपियों के पास से नौ रसीदें मिलीं। इनमें सात रसीदें कार्यपालक पदाधिकारी, झुमरी तिलैया नगर परिषद के नाम से और दो रसीदें झुमरी तिलैया नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी के नाम से छपी हुई बताई गई हैं। पुलिस ने एक अन्य दस्तावेज भी बरामद किया है, जो पूर्णिमा टॉकीज से महाराणा प्रताप चौक के समीप ऑटो-रिक्शा स्टैंड की बंदोबस्ती से संबंधित बताया गया है। इस दस्तावेज की भी जांच की जा रही है।

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पांच साल से कथित वसूली की जांच

नगर परिषद से संबंधित रिपोर्टों में इस मामले में करीब पांच वर्षों से कथित तौर पर चल रही अनियमितताओं की जांच की बात सामने आई है। जांच के दौरान अवैध तरीके से रसीद छपवाकर चुंगी-टोल वसूली किए जाने और बड़ी संख्या में रसीदों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। इससे पहले सामने आई शिकायतों में महाराणा प्रताप चौक, सुभाष चौक और बाजार समिति के आसपास रात के समय छोटे-बड़े वाहनों से 50 से 600 रुपये तक वसूले जाने तथा रोजाना करीब 20 हजार रुपये से अधिक की वसूली का आरोप लगाया गया था। इन दावों की पूरी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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निजी खाते में पैसे भेजने का आरोप

मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब वसूली की रकम कथित तौर पर निजी बैंक खातों में जमा किए जाने के आरोप सामने आए। अपडेटेड रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों से पूछताछ और मोबाइल/यूपीआई की जांच में हर सप्ताह 20 से 25 हजार रुपये रेवेन्यू इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार मेहता के खाते में भेजे जाने का आरोप सामने आया है। इस दावे की अंतिम पुष्टि जांच और बैंकिंग रिकॉर्ड की विस्तृत पड़ताल से होगी।

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निजी खाते में टैक्स लेने का अधिकार नहीं

इससे पहले नगर परिषद के सिटी मैनेजर लेमांशु कुमार ने कहा था कि किसी भी रेवेन्यू इंस्पेक्टर को टैक्स की राशि निजी खाते में लेने का अधिकार नहीं है। उनके मुताबिक नगर परिषद की ओर से कॉमन क्यूआर कोड की व्यवस्था की गई है, जिसके जरिए चुंगी और टैक्स की राशि ली जा सकती है।

अध्यक्ष ने डीसी और एसपी से जांच की मांग की

नगर परिषद अध्यक्ष रमेश हर्षधर ने मामले की जानकारी उपायुक्त को लिखित रूप से देने और पुलिस अधीक्षक से भी निष्पक्ष जांच की मांग करने की बात कही है। अध्यक्ष के अनुसार, मामले में रेवेन्यू इंस्पेक्टर समेत अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच आवश्यक है।

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अश्वनी पाठक

अश्वनी पाठक

रिपोर्टर

अश्वनी पाठक जमशेदपुर निवासी हैं और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने न्यूज मीडिया किरण के माध्यम से पत्रकारिता की शुरुआत की। वाणिज्य में ऑनर्स (बी.कॉम) की शिक्षा पूरी करने के बाद वर्तमान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ वे कानून की शिक्षा भी प्राप्त कर रहे हैं।