छात्रों पर लाठीचार्ज (Lathi-charge)को लेकर सदन में हंगामा, बाबूलाल मरांडी ने पूछा- कंटीले तार किसके आदेश पर लगाए गए?

Lathi-charge incident involving students: झारखंड विधानसभा में मंगलवार को छात्र आंदोलन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदन में छात्रों पर लाठीचार्ज और प्रदर्शन स्थल पर कंटीले तार लगाए जाने को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए। भाजपा विधायकों ने भी छात्र आंदोलन के मुद्दे पर सदन में जमकर नारेबाजी की।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड के नौजवान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर मार्च कर रहे थे। उन्हें रोकने के लिए कंटीले तार लगाए गए। उन्होंने कहा कि कंटीले तार तो आमतौर पर देश की सीमाओं पर लगाए जाते हैं, ताकि आतंकवादियों की घुसपैठ रोकी जा सके। उन्होंने सवाल उठाया कि अपने हक और अधिकार की मांग कर रहे राज्य के युवाओं को रोकने के लिए इस तरह की व्यवस्था क्यों की गई?
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और कार्रवाई की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से सदन में आकर पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की। बाबूलाल मरांडी ने सवाल किया कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कंटीले तार लगाने का आदेश आखिर किसने दिया था।

हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही स्थगित
छात्र आंदोलन के मुद्दे को लेकर भाजपा विधायक लगातार सदन में नारेबाजी करते रहे। विपक्ष की ओर से मामले पर सरकार से जवाब की मांग की गई। हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई। इसके बाद स्थिति सामान्य नहीं होने पर सदन की कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

प्रदीप यादव बोले- छात्रों की 95 फीसदी मांगें मान ली गईं
वहीं कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने छात्र आंदोलन को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि छात्रों की करीब 95 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं और छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था। उनके मुताबिक, इसी दौरान कुछ अराजक तत्व प्रदर्शन में शामिल हो गए और उन्होंने उपद्रव फैलाने का प्रयास किया।
प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को भाजपा की ओर से भेजा गया था। उन्होंने कहा कि स्थिति बिगड़ने के बाद प्रशासन को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि उन्होंने पहली बार ऐसा देखा कि प्रदर्शनकारियों की वापसी के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से गाड़ियों की व्यवस्था की गई और हेल्पलाइन भी उपलब्ध कराई गई। उनके अनुसार, सरकार और प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए राज्य को बड़े टकराव की स्थिति में जाने से बचाया।

कांग्रेस विधायक ने सरकार से पूरे घटनाक्रम को सदन के सामने विस्तार से रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन अभी भी जारी है और सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों की मांगों पर आगे क्या विचार किया जा रहा है।
प्रदीप यादव ने कहा कि पूरे मामले की जानकारी सदन में रखने से राज्य में बनी उहापोह की स्थिति को खत्म करने और सकारात्मक संदेश देने में मदद मिलेगी।




















