Sujit sinha encounter followup

सुजीत सिन्हा एनकाउंटर पर उठे सवाल, परिजनों ने फर्जी मुठभेड़ का लगाया आरोप; पोस्टमार्टम में शरीर से मिलीं दो गोलियां

Sujit sinha encounter followup

जामताड़ा: झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के पुलिस एनकाउंटर को लेकर अब विवाद गहराता नजर आ रहा है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले को सुनियोजित साजिश और फर्जी मुठभेड़ करार दिया है। वहीं, पोस्टमार्टम के दौरान शव से दो गोलियां बरामद होने की पुष्टि हुई है। हालांकि मौत के कारणों और गोली लगने की पूरी स्थिति का खुलासा विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।

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हथकड़ी लगा व्यक्ति कैसे भाग सकता है?” – परिजनों का सवाल

पोस्टमार्टम के बाद मीडिया से बातचीत में सुजीत सिन्हा की सास उषा देवी ने कहा कि पुलिस की कहानी पर कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के हाथ में हथकड़ी लगी हो और जिसे पहले से अपनी जान का खतरा हो, वह पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश क्यों करेगा और पुलिस पर गोली क्यों चलाएगा?

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उषा देवी का दावा है कि सुजीत पहले भी जेल से बाहर ले जाए जाने का विरोध करता था क्योंकि उसे आशंका थी कि रास्ते में उसकी हत्या कर दी जाएगी। उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक या किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

तस्वीरों को लेकर भी उठाए सवाल

परिजनों ने एनकाउंटर के बाद जारी तस्वीरों को लेकर भी संदेह जताया। उनका कहना है कि रात में सामने आई तस्वीरों में सुजीत सड़क पर दिखाई दे रहा था, जबकि सुबह जारी तस्वीरों में उसका शव जंगल के भीतर नजर आया। परिजनों ने आरोप लगाया कि इन तस्वीरों में विरोधाभास है और इसकी भी जांच होनी चाहिए।

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पोते के भविष्य और बहू की स्थिति पर जताई चिंता

उषा देवी ने कहा कि उनका 12 वर्षीय पोता अक्षत, जो छठी कक्षा का छात्र है, अब न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चाईबासा जेल में बंद सुजीत की पत्नी से मुलाकात कराने में जेल प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि उसे पर्याप्त भोजन और दवा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

मेडिकल बोर्ड की निगरानी में हुआ पोस्टमार्टम

सोमवार को जामताड़ा में सुजीत सिन्हा के शव का मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया। तीन डॉक्टरों की टीम ने करीब एक घंटे तक शव की जांच की। पोस्टमार्टम के दौरान शरीर से दो गोलियां बरामद हुईं।

पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट सह अंचल अधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी ओबिश्वर मुर्मू की मौजूदगी में हुआ। मेडिकल बोर्ड में डॉ. दुर्गेश झा, डॉ. विशाल और डॉ. मिकी मांझी शामिल थे।
डॉक्टरों के अनुसार, मौत का सटीक कारण और शरीर पर मिले घावों की विस्तृत जानकारी अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। प्रारंभिक जांच में यह भी संभावना जताई गई है कि कुछ गोलियां शरीर को आर-पार कर गई हों।

अस्पताल पहुंचे परिजन

दोपहर करीब 2:30 बजे सुजीत सिन्हा के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इस दौरान उसकी सास उषा देवी भावुक हो गईं। साथ आए साले आयुष कुमार ने बताया कि सुजीत का 12 वर्षीय पुत्र फिलहाल अस्पताल में इलाजरत है। परिवार रांची के रातू रोड स्थित पंडरा इलाके का रहने वाला है।

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Drishti Now

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वरिष्ठ संवाददाता

झारखंड की राजनीति, प्रशासन और स्थानीय खबरों पर लंबे समय से रिपोर्टिंग कर रहे हैं।