साहिबगंज ‘कुर्सी कांड’: उधवा में दो अधिकारी सस्पेंड, उपायुक्त की सख्त कार्रवाई
साहिबगंज: साहिबगंज जिले के उधवा प्रखंड में वायरल हुए ‘कुर्सी कांड’ ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दो बड़े अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी दीपक कुमार दुबे ने प्रशासनिक मर्यादा और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए यह आदेश जारी किया है।
ये अधिकारी हुए निलंबित
प्रशासनिक जांच के बाद जिन अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिरी है, वे हैं:
1. जनक देव यादव: पंचायत सचिव सह प्रभारी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी।
2. सूरज टुडू: जनसेवक सह निर्वाचन नोडल पदाधिकारी।
क्या है ‘कुर्सी कांड’ का मामला?
उधवा प्रखंड कार्यालय में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। उस बैठक में BDO मौजूद नही थे । आरोप है कि इस बैठक के दौरान झामुमो प्रखंड अध्यक्ष अयूब अली खान को सरकारी बीडीओ (प्रखंड विकास पदाधिकारी) की कुर्सी पर बैठे देखा गया। जिसका वीडियो वायरल हो गया ।
इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गए। सरकारी प्रोटोकॉल और निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया की कुर्सी पर किसी राजनीतिक दल के पदाधिकारी के बैठने को लेकर स्थानीय स्तर पर आक्रोश था और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे थे। जिसके बाद BJP के जिला अध्यक्ष ने इसकी शिकायत की ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने जांच का आदेश दिया था। SDO ने जांच की DC को जांच रिपोर्ट सौंपा। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से पाया गया कि सरकारी बैठक में राजनीतिक पदाधिकारियों को अनुचित महत्व दिया गया, जो सीधे तौर पर निर्वाचन आयोग के नियमों का उल्लंघन है। जिला प्रशासन ने इसे बड़ी प्रशासनिक चूक मानते हुए अनुशासनिक कार्रवाई की है।
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