CM हेमंत सोरेन ने TDPL को लेकर उठाए सवाल,कहा पूरा प्रकरण एक सुनियोजित साजिश

रांची। झारखंड में परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज मंगलवार को विधानसभा के मॉनसून सत्र में भी सुनाई दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी TDPL को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए इसके उत्तर प्रदेश से संबंध होने का दावा किया। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण को एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा बताते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मामले में सरकार ने कुछ परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। उनके मुताबिक, पूरा मामला कई स्तरों पर उलझा हुआ है और इसकी परतें खुलने के बाद तस्वीर साफ होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा से जुड़ी कंपनी उत्तर प्रदेश की है और इस पूरे मामले के पीछे राजनीतिक षड्यंत्र की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।

छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष पर हमला
10 अगस्त को रांची में हुए छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासन के रवैये का बचाव किया। उन्होंने कहा कि तनावपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद प्रशासन ने संयम बनाए रखा।
हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक मंच में बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अलग-अलग रूप धारण कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं और अब छात्र आंदोलन को भी राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं पर विधानसभा की मर्यादा प्रभावित करने का भी आरोप लगाया।

विपक्ष पर पैसे के इस्तेमाल का आरोप
मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए धनबल का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं की जेब में नोटों के बंडल हैं और वे लोकतंत्र को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने अयोध्या के मंदिर का भी उल्लेख करते हुए विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए हर मुद्दे का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

‘अधिकांश मांगें सरकार ने मानी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र संगठनों की कई मांगों पर सरकार पहले ही सकारात्मक निर्णय ले चुकी है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने की बात कही। इसके लिए आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थाओं की विशेषज्ञ सलाह लेने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री के बाद मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 अगस्त के आंदोलन में भीड़ जुटाने के लिए दूसरे राज्यों से लोगों को बुलाया गया था।
विधानसभा में छात्र आंदोलन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।




















